राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) – लाभ और उद्देश्य

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की शुरुवात भारत सरकार द्वारा 2013 में की गयी थी। स्वास्थ्य के प्रति यह मिशन अतिसंवेदनशील है। यह मिशन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया जाता है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निम्न दो प्रोग्रामों को संयुक्त रूप से चलाने वाला मिशन है

  1. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM)- इसकी शुरुवात वर्ष 2005 में की गयी थी।
  2. राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM)- इसकी शुरुवात वर्ष 2013 में की गयी थी।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (National URBAN Health Mission- NUHM)

शहर में आवास कर रहे आर्थिक वर्ग से कमजोर वर्ग एवं पिछड़े वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं सेवाएं देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की शुरुवात की गयी।

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शहरों में बढ़ती हुई आबादी के स्वास्थ्य का ध्यान सही से रखने का प्रयास इस मिशन से किया जाता है। विश्व आर्थिक एवं सामाजिक सर्वे के अनुसार यदि भारत की शहरी आबादी वर्तमान दर से बढ़ती रहे तो 2030 तक भारत की कुल आबादी का 46% शहर में आवास करेगी।

वर्ष 2013 से शुरू राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन भारत के उन सभी राज्यों की राजधानियों, जिलों के मुख्यालयों और शहरों में कार्य करता है जहां वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 50,000 से अधिक आबादी निवास करती है।

इस योजना का श्रेय 2013 के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को दिया जाता है। अब तक यह मिशन 1067 शहरों में लागू कर दिया गया है।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) - लाभ और उद्देश्य
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) – लाभ और उद्देश्य
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्य

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन आर्थिक रूप से कमजोर एवं महिलाओ की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है। इसके मुख्य लक्ष्य:

  1. शहरों में मातृ मृत्यु दर (MMR) में 1/1000 की कमी को प्राप्त करना।
  2. NUHM का लक्ष्य शिशु मृत्यु दर (IMR) को 20/1000 से भी कम करना है।
  3. शहरी क्षेत्रों में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के साथ स्वास्थ्य की देखभाल उत्तम रूप से करना।
  4. प्रति वार्षिक मलेरिया दर को 1/1000 से भी कम करना।
  5. कुल प्रजनन दर (TFR) को 2.1 प्राप्त करना है।
  6. शहरों में स्वास्थ्य मिशन के ढांचे को एकीकृत एवं संगठित कर सबका एकीकरण करना है।
  7. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत होने वाले रोग नियंत्रक अभियानों के सभी लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करना।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की विशेषताएं

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य शहर में रह रहे मजदूर वर्ग, पलायन हुए लोग, गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को उत्त्कृष्ट सुविधाओं को कम शुल्क पर प्रदान करना है इस अभियान की विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन शहरों में आवास कर रही आबादी को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएँ प्रदान करता है।
  • यह मिशन विशेष रुप से गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को कुशल स्वास्थ्य प्रणाली उपलब्ध करवाता है।
  • मिशन का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का नवीनीकरण करना है।
  • इस मिशन के द्वारा HIV/एड्स जैसी बिमारी से लेकर छोटी संक्रामक एवं असंक्रामक बीमारी का उपचार किया है।
  • ऐसे स्वास्थ्य संगठन जो लाभकारी या गैर लाभकारी हो या कोई NGO हो जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता हो, उनका सहयोग यह मिशन करता है।
  • NUHM के अंतर्गत वर्तमान स्वास्थ्य संस्थागत व्यवस्थाओं एवं संरचनाओं को आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया गया है।
  • शहरों में बढ़ रही आबादी को स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए सस्थागत तंत्र एवं उच्च प्रबंधन देना।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के लाभार्थी

मिशन में आने वाले जिले या शहरों की आबादी 50 हजार से अधिक होनी चाहिए। ऐसे शहरों में रहने वाले निम्न प्रकार के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती हैं:

  • सड़क पर रहने वाले बच्चे और बेघर लोग
  • शहरी क्षेत्रों में रह रहे अस्थाई प्रवासी
  • कचरा बीनने वाले, रिक्शा चालक
  • यौनकर्मी, निर्माण कार्यों को करने वाले मजदूर
  • चूने एवं ईंट भट्टे पर काम करने वाले

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के लाभार्थी वे लोग हैं जो आर्थिक रूप से बेसहाय या कमजोर वर्ग में आते हैं।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के लाभ

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं जनचेतना का जनता में प्रसार करता है इस मिशन से प्राप्त होने वाले लाभ:

  • यह मिशन लाभार्थियों को सस्ती एवं उत्तम गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएँ सेवाएं देता है।
  • NUHM शहरी लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए स्वच्छता एवं साफ़ पेयजल के निर्धारकों पर केंद्रित योजना है।
  • NUHM की सभी प्रक्रियाएं लोगों की आवश्यकतों के अनुसार बनाई गयी हैं।
  • इस मिशन की सहायता से बीमार व्यक्ति नियमित रूप से बीमारी की जाँच कर सकता है।
  • इस मिशन से बिस्तर, निःशुक्ल दवाइयां एवम अन्य सुविधाएँ भी मिल जाती है।
  • मानव संसाधनों (नर्स, वार्डबॉय, ANM, USHA) में वृद्धि होती है।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्य कार्यक्रम

NUHM के द्वारा शहरों के कस्बों, नगरों में अनेक कार्यक्रम शुरू किये गए हैं जिनकी सहायता से आम नागरिक को सुविधाओं का लाभ मिलता है। इसके अंतर्गत चलाये गए कार्यक्रम:

  1. शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (UCHC)– यह दो से पांच लाख तक की आबादी वाले शहर के लिए बनाया गया एक अस्पताल है, इसमें लगभग 30 से 40 तक बिस्तरों की संख्या होती है।
  2. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC)– यह शहर में हर छोटे कस्बे में बना हुआ स्वास्थ्य केंद्र होता है, यहां से आप प्राथमिक उपचार, परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। UPHC रोगियों के लिए दवा भी देते हैं।
  3. सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM)– यह अस्पताल में सहायक नर्स होती है। प्रत्येक UPHC में इनकी संख्या 4-5 होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केम्पों में इनकी मुख्य भूमिका होती है। ANM द्वारा निःशुल्क उपचार, दवा-वितरण, एवं परामर्श दिया जाता है।
  4. शहरी सामजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (USHA)– घर-घर स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने के लिए USHA कार्य करती है, यह छोटे कस्बों में रहने वाले लोगों की सहायता के लिए होती है।
  5. महिला आरोग्य समिति (MAS)– समिति को बनाने का मुख्य उद्देश्य झुग्गी- बस्तियों में स्वास्थ्य, पोषण, जल, सफाई एवं स्वास्थ्य से संबंधित अन्य समस्याओं समाधान करना है। इसमें किसी भी बस्ती की 50 से 100 महिलाएं सदस्य होती हैं जिनकी एक निर्वाचित अध्यक्ष और एक सचिव होती है।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य योजना के वित्तीय बजट का प्रक्रम

NUHM को केंद्र द्वारा अधिक पोषण मिलता है फिर भी इस मिशन में राज्य और केंद्र दोनों की भागीदारी रहती है।

  • विशेष श्रेणी के राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के वित्तीय पोषण का अनुपात 75:25 है।
  • विशेष राज्यों (हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राज्य) में 90:10 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार में वित्त पोषण है।
  • किसी भी राज्य द्वारा भेजे गए कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (PIP) का मूल्यांकन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

NUHM के अंतर्गत आने वाली योजना

संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS)– किसी भी नगर पार्षद, विधानसभा सदस्य एवं लोकसभा सदस्य के पास क्षेत्र के विकास के लिए निधि होती है। NUHM के अंतर्गत वे स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को प्रदान करने या उसके लिए किसी भी संसाधन को बनाने के लिए अपनी निधि का उपयोग कर सकते हैं।

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से शहरों में रहने वाले जरूरतमंद स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त कर सकते हैं यह मिशन स्वास्थ्य सम्बन्धी अनेक सेवाएं एवं बिमारियों के उपचार में सहायक सिद्ध है।

NUHM official website

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े प्रश्न एवं उनके उत्तर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को किस प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया था?

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा शुरू लिया गया था।

क्या जिन शहरों या स्थानों की आबादी 50 हजार से कम है उनमें राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन चलाया जाता है?

नहीं। जिनकी आबादी 50 हजार से कम है वहां NRHM कार्य करता है।

क्या तपेदिक का उपचार NUHM में किया जा सकता है?

तपेदिक, संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों के इलाज को राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन में रखा गया है।

वर्तमान में (2023) भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौन हैं?

डॉ. मनसुख मांडविया

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन में कौन-कौन सी नौकरियां प्राप्त हो सकती है?

NUHM से ANM, USHA जैसी नौकरियां आप प्राप्त कर सकते हैं।

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