Income Tax: इनकम टैक्स विभाग इन 5 ट्रांजेक्शन पर भेज सकता है नोटिस, जाने ले ये जरूरी जानकारी

इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) को अपने करदाताओं की हर गतिविधि पर नजर रखनी होती है। यह इसलिए है ताकि कोई भी व्यक्ति कर चोरी (Tax Evasion) न कर पाए। इस उद्देश्य से, आयकर विभाग कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल करता है, जिसमें इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) की जांच, बैंक खातों की निगरानी और कैश ट्रांजेक्शन की जांच शामिल है।

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Income Tax: इनकम टैक्स विभाग इन 5 ट्रांजेक्शन पर भेज सकता है नोटिस, जाने ले ये जरूरी जानकारी

आयकर विभाग टैक्स चोरी और हेराफेरी करने वालों के खिलाफ लगातार कई प्रकार के मुहीम चलाते रहते हैं। सरकार नकद लेनदेन के साथ-साथ आपके ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के कार्य पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है। यदि आप कोई लापरवाही अथवा गलती करते हैं तो तुरंत ही से आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। ऐसे में आपको इन 5 कामों को करने से बचना चाहिए।

आयकर विभाग का क्या होता है?

आयकर विभाग भारत सरकार का एक विभाग है जो आयकर से संबंधित सभी पहलुओं पर दृष्टि रखता है। यह वित्त मंत्रालय के अधीन राजस्व विभाग के अन्तर्गत आता है।

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आयकर विभाग का मुख्य कार्य है:

  • आयकर अधिनियम के तहत करों का संग्रह करना।
  • आयकर कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना।
  • करदाताओं को आयकर से संबंधित जानकारी और सहायता प्रदान करना।

पांच ट्रांजेक्शन पर है इनकम टैक्स विभाग की नजर

1.बैंक खाते में नकद रकम जमा करना

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) के नियमों के तहत, यदि आप एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रूपए अथवा इसे ज्यादा नकद राशि को डिपाजिट करते हैं, तो बैंक को इसकी सूचना देनी होती है। यह सूचना आयकर विभाग को भी भेज दी जाती है। अगर आपके खाते में 10 लाख रुपये से ज्यादा की नकद रकम जमा होती है, तो आयकर विभाग आपसे इस रकम के स्रोत के बारे में पूछ सकता है। अगर आप इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं, तो विभाग आप पर कार्रवाई कर सकता है।

2. फिक्स्ड डिपॉजिट में नकद रकम जमा करना

अगर आप financial year में दस लाख रुपये से अधिक की राशि को कैश स्वरुप अपने बैंक अकाउंट में एफडी कराते हैं तो इसकी जमा लेनदेन पर आयकर विभाग आपको नोटिस भेजकर आय या रुपये के श्रोत के विषय में डिटेल्स पूछता है, यदि आप सही जानकारी नहीं देते हैं तो आप पर कार्यवाई की जाती है।

3. शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर या बांड की खरीद

निवेश एक अच्छा विकल्प है, लेकिन अगर आप निवेश करते समय नकद का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। आयकर विभाग ऐसे निवेशों पर नजर रखता है जिनमें 10 लाख रुपये या उससे अधिक की रकम का लेनदेन नकद में किया जाता है।

अगर आप शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर या बॉन्ड खरीदते समय 10 लाख रुपये या उससे अधिक की रकम नकद में देते हैं, तो आयकर विभाग को इसकी सूचना मिल जाएगी। आयकर विभाग आपसे इस रकम के स्रोत के बारे में पूछ सकता है। अगर आप इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं, तो विभाग आप पर कार्रवाई कर सकता है।

इसलिए, निवेश करते समय नकद का इस्तेमाल करने से बचें। अगर आपको 10 लाख रुपये या उससे अधिक की रकम निवेश करनी है, तो इसे ऑनलाइन या चेक के जरिए करें।

4. क्रेडिट कार्ड बिल पर भुगतान

आज के समय में क्रेडिट कार्ड का यूज़ हर कोई व्यक्ति कर रहा है। कई बार तो क्रेडिट कार्ड बिल लाखों रुपये में भी हो जाता है। ऐसे में कुछ लोग क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नकद में करने का विकल्प चुनते हैं। लेकिन, यदि आपका महीने का क्रेडिट कार्ड बिल 1 लाख रूपए से ज्यादा आता है तथा आप इसका भुगतान नकद में करते हैं, तो आयकर विभाग आपसे सवाल कर सकता है और आपके पैसों का सोर्स क्या है।

इसके अलावा, अगर आप ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का भुगतान करते हैं, तो भी आयकर विभाग आपसे सवाल कर सकता है।

5. संपत्ति से संबंधित लेन-देन

प्रॉपर्टी खरीदते समय नकद भुगतान से बचें। अगर आपको 30 लाख रुपये या उससे ज्यादा की रकम का भुगतान करना है, तो इसे ऑनलाइन या चेक के जरिए करें। इससे आपको आयकर विभाग से नोटिस मिलने का खतरा कम हो जाएगा।

ट्रांजेक्शन से जुड़े आयकर नियम

यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो आपको इन ट्रांजेक्शन से जुड़े आयकर नियमों का पालन करने में मदद कर सकते हैं:

  • सभी कैश ट्रांजेक्शन को रिकॉर्ड करें। यह आपको यह ट्रैक करने में मदद करेगा कि आपने कितना पैसा खर्च किया है और आपने इस पैसे पर कितना कर चुकाया है।
  • अपने आयकर रिटर्न में सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपने सभी आय और खर्चों को ठीक से रिपोर्ट किया है।
  • यदि आप कोई संदेह करते हैं, तो हमेशा अपने आयकर सलाहकार से परामर्श करें। वे आपको आयकर नियमों का पालन करने में मदद कर सकते हैं और आपको किसी भी संभावित समस्या से बचने में मदद कर सकते हैं।

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