World War III: तृतीय विश्व युद्ध की आशंका, पश्चिमी देशों द्वारा युद्ध की तैयारियां, जानिए क्या हैं संकेत

दुनिया एक बार फिर विश्व युद्ध III के संभावित खतरे के नीचे खड़ी है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स के हालिया बयान में चीन, रूस, ईरान, और उत्तर कोरिया के साथ आने वाले पांच वर्षों में युद्ध की संभावना के बारे में चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, NATO ने घोषणा की है कि वह तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति के लिए अभ्यास शुरू करेगा। जर्मनी के वॉर प्लान के लीक होने से भी यही संकेत मिलता है कि पश्चिमी देश बड़े संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं।

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World War III: तृतीय विश्व युद्ध की आशंका, पश्चिमी देशों द्वारा युद्ध की तैयारियां, जानिए क्या हैं संकेत
World War III: तृतीय विश्व युद्ध की आशंका, पश्चिमी देशों द्वारा युद्ध की तैयारियां, जानिए क्या हैं संकेत

युद्ध की तैयारी के संकेत

NATO का मानना है कि रूस के यूक्रेन पर हमले की तरह, पश्चिमी देश भी आक्रमण के खतरे में हैं। इसका समाधान तलाशते हुए, NATO ने सभी सदस्य देशों से सैनिकों की भर्ती और नागरिकों को प्रशिक्षण देने की अपील की है। वहीं, जर्मनी ने एक वॉर प्लान तैयार किया है जिससे पता चलता है कि वह रूस के संभावित आक्रमण के लिए हथियार इकट्ठा कर रहा है।

जर्मनी की तैयारी

जर्मनी के लीक हुए वॉर प्लान से जानकारी मिली है कि देश युद्ध की स्थिति के लिए हथियार इकट्ठा कर रहा है। इस तैयारी में हाइब्रिड हमलों का सामना करने की रणनीति भी शामिल है, जिसमें रूस के सुवालकी गैप पर कब्जे की आशंका जताई गई है।

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नागरिकों की भूमिका

ब्रिटेन के सेना प्रमुख के अनुसार, ब्रिटिश नागरिकों को भविष्य में रूस से लड़ने के लिए तैयार रहने और हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेना चाहिए। इसी तरह, NATO ने सिविलियन आर्मी के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया है।

वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौतियाँ

रूस के यूक्रेन पर हमले और अन्य वैश्विक तनावों ने पश्चिमी देशों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वे आक्रमण के खिलाफ कैसे तैयार रह सकते हैं। जर्मनी के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि रूस किसी भी समय NATO देशों पर हमला कर सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

भविष्य की ओर

वैश्विक संघर्ष की इस आशंका ने पश्चिमी देशों को युद्ध की तैयारी में जुटा दिया है, जिसमें नागरिकों को प्रशिक्षित करना और सैनिकों की भर्ती बढ़ाना शामिल है। इस स्थिति का समाधान खोजने के लिए वैश्विक समुदाय को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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