पैसेंजर्स की इस गलती को बिल्कुल माफ नहीं करती है रेलवे! सिर्फ जुर्माने से खजाने में आया ₹36.98 करोड़ का रेवेन्यू

भारतीय रेलवे, जो कि भारत की जीवन रेखा कहलाती है, ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों पर शिकंजा कसते हुए 5.01 लाख मामले दर्ज किए हैं। यह कदम न केवल रेलवे के राजस्व की सुरक्षा के लिए, बल्कि यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में भीड़ को कम करने के लिए भी उठाया गया है।

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पैसेंजर्स की इस गलती को बिल्कुल माफ नहीं करती है रेलवे! सिर्फ जुर्माने से खजाने में आया ₹36.98 करोड़ का रेवेन्यू

बिना टिकट यात्रा के बढ़ते मामले

नवंबर 2023 में, सेंट्रल रेलवे ने अनियमित यात्रा के 5.01 लाख मामले दर्ज किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33% अधिक है। इसमें बिना टिकट और अनियमित टिकटों के 4.88 लाख मामले और बिना बुक किए सामान की बुकिंग के 0.13 लाख मामले शामिल हैं। इससे सेंट्रल रेलवे को 36.98 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

अप्रैल से नवंबर के आंकड़े

अप्रैल से नवंबर 2023 की अवधि में, सेंट्रल रेलवे ने 32.34 लाख अनियमित यात्रा के मामले दर्ज किए, जिनमें से 31.10 लाख मामले बिना टिकट और अनियमित टिकटों से जुड़े थे। इस दौरान, रेलवे ने 213.16 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो कि लक्ष्य से 20% अधिक है।

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रेलवे का कहना है कि बिना टिकट या गलत टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को जुर्माना करने से रेलवे को राजस्व प्राप्त होता है। इसके अलावा, इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि यात्री रेलवे के नियमों का पालन करें।

नियम तोड़ने पर जुर्माने की राशि कितनी होती है ?

रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना टिकट या गलत टिकट लेकर यात्रा करने पर यात्रियों को निम्नलिखित जुर्माना देना पड़ सकता है:

  • अगर यात्री बिना टिकट लेकर यात्रा करता है, तो उसे यात्रा की दूरी के आधार पर ₹100 से ₹500 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • अगर यात्री गलत टिकट लेकर यात्रा करता है, तो उसे यात्रा की दूरी के आधार पर ₹500 से ₹2000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • अगर यात्री बिना टिकट या गलत टिकट लेकर ट्रेन में चढ़ जाता है, तो उसे ₹1000 से ₹5000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

कैसे पकड़े जाते हैं बिना टिकट यात्री?

सेंट्रल रेलवे ने न केवल टिकट जांच को कड़ा किया है, बल्कि मजिस्ट्रियल जांच के जरिए भी अनियमित यात्रियों पर नजर रखी है। अप्रैल से नवंबर 2023 के दौरान, 571 मजिस्ट्रियल जांचें की गईं, जिनमें 9,718 व्यक्तियों पर मुकदमा चलाया गया और 50.02 लाख रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई।

सेंट्रल रेलवे की अपील

सेंट्रल रेलवे का मुख्य उद्देश्य न केवल राजस्व की वसूली है, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव भी प्रदान करना है। रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे उचित और वैध टिकट के साथ यात्रा करें, ताकि उन्हें असुविधा और अनावश्यक जुर्माने से बचाया जा सके।

यह पहल सेंट्रल रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जो वह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए निभा रहा है। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि यह यात्रियों के लिए भी एक अधिक सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगा।

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