दिनभर में कितनी साँसे लेते है आप, कभी सोचा है? जानें ये रोचक तथ्य

Facts Related to Breathing: हम सांस लेते हैं ताकि हमारे शरीर को ऑक्सीजन मिल सके। ऑक्सीजन हमारे शरीर के लिए आवश्यक है क्योंकि यह हमारे कोशिकाओं को ऊर्जा बनाने में मदद करता है। जब हम सांस लेते हैं तो हम अपने फेफड़ों में हवा लेते हैं। हवा में ऑक्सीजन होता है।

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यह हमारे शरीर को ऑक्सीजन प्रदान करने और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने में मदद करती है। यह हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

Facts Related to Breathing

दिनभर साँसे स्वचालित रहती है

हम सभी दिनभर सांस लेते रहते हैं। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे हम आमतौर पर बिना जाने नेचुरल तरीके से ही करते हैं। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति एक मिनट में औसतन 12 से 20 बार सांस लेता है। इसका मतलब है कि एक दिन में हम लगभग 28,800 से 33,600 बार सांस लेते हैं।

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हालांकि यह संख्या उम्र, गतिविधि स्तर, और अन्य कारकों के आधार पर भिन्न हो सकती है। उदाहरण के लिए, बच्चे वयस्कों की तुलना में अधिक बार सांस लेते हैं।

व्यायाम से साँसे बेहतर होगी

एक व्यक्ति रोज 17,000-30,000 बार सांसें लेता है। व्यायाम करते समय या घूमते समय सांस लेने की दर बढ़ जाती है। तब हम ज्यादा सांस लेने लगते हैं और हमारे शरीर में ज्यादा ऑक्सीजन इनटेक होती है।

साँसे एक जटिल प्रक्रिया है

अपनी सांस लेने की दर को मापने के लिए आप ये गिन सकते हैं कि एक मिनट में कितनी बार आपकी छाती या पेट कितनी बार ऊपर उठती है। सांस लेना एक जटिल, अधिकतर अवचेतन प्रक्रिया है जो पूरे शरीर को प्रभावित करती है।

फेफड़ो हवा से ऑक्सीजन लेते है

सांस लेने की प्रक्रिया में फेफड़े हवा लेते हैं, ऑक्सीजन निकालते हैं और फिर इसे रक्तप्रवाह के माध्यम से प्रवाहित करते हैं। फिर ऑक्सीजन को ऊतकों और अंगों तक ले जाया जाता है। हमारे फेफड़े भी हमारे रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और जब हम सांस छोड़ते हैं तो इसे हवा में छोड़ देते हैं।

फेफड़ो पर दिमाग कण्ट्रोल करता है

हमारा मस्तिष्क नियंत्रित करता है कि हमारे फेफड़े कितनी तेजी से हवा खींचते हैं। जब हम सो रहे होते हैं या आराम कर रहे होते हैं तो हमारे फेफड़े धीमे हो जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हमें सोते समय या आराम करते समय उतनी ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है।

फेफड़े के दो भाग होते है

फेफड़े दो हिस्सों में होते हैं – बाएं और दाएं। दोनों हिस्से के फेफड़े बिल्कुल एक जैसे नहीं होते। शरीर के बाईं ओर का फेफड़ा दो लोबों में विभाजित होता है जबकि दाहिनी ओर का फेफड़ा तीन भागों में विभाजित होता है। बायां फेफड़ा थोड़ा छोटा होता है और हृदय के लिए जगह बनाता है।

आयु का साँसो पर सीधा प्रभाव

उम्र के अनुसार सांस लेने की स्थितियां और दर बदलती है। एक साल तक का शिशु प्रति मिनट 30-60 सांसें लेता है तो 1-2 साल के बच्चे 24-40 सांसें लेते हैं। प्रीस्कूलर यानि 3-5 साल के बच्चे 22-34 सांसें हर मिनट लेते हैं। 6-12 वर्ष के बच्चे प्रति मिनट 18-30 सांस लेते हैं

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