शराब न पीने वाले भी हो सकते हैं फैटी लिवर का शिकार, जानिए कैसे

आज के समय में, फैटी लिवर बीमारी भारत समेत पूरी दुनिया में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। प्रति वर्ष, इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है, खासकर शहरी क्षेत्रों में। युवा वर्ग भी इसके चपेट में आ रहा है, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। इस बीमारी के कुछ गंभीर मामलों में, लिवर सिरोसिस और यहाँ तक कि लिवर फेलियर तक की स्थिति सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब का सेवन, अस्वास्थ्यकर खान-पान और फास्ट फूड की अधिकता इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं।

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शराब न पीने वाले भी हो सकते हैं फैटी लिवर का शिकार, जानिए कैसे
शराब न पीने वाले भी हो सकते हैं फैटी लिवर का शिकार, जानिए कैसे

शराब न पीने वालों में फैटी लिवर के कारण

आश्चर्य की बात यह है कि शराब न पीने वाले लोग भी नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी (NAFLD) से प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे खराब जीवनशैली, अनियमित भोजन समय और फास्ट फूड की बढ़ती खपत मुख्य कारण हैं। आजकल, युवाओं में भी यह समस्या देखने को मिल रही है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व की लगभग 25% आबादी NAFLD से प्रभावित है।

फैटी लिवर से बचाव के उपाय

फैटी लिवर से बचाव के लिए, स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। खाने में नमक और चीनी का सेवन कम करना, मैदा से बने उत्पादों से दूरी बनाए रखना, और फास्ट फूड की जगह स्वास्थ्यकर विकल्पों का चयन करना चाहिए। एक सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए दिनभर में कम से कम 15 मिनट व्यायाम करना, चलना या योगा करना उपयोगी हो सकता है। पानी का नियमित सेवन सुनिश्चित करें, क्योंकि यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है।

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इसके अलावा, हरी सब्जियों और ताजे फलों का सेवन बढ़ाएं, क्योंकि ये आपके लिवर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराना भी महत्वपूर्ण है ताकि यदि फैटी लिवर के कोई लक्षण उभर रहे हों तो उन्हें समय पर पहचाना जा सके और उचित उपचार किया जा सके।

फैटी लिवर बीमारी के प्रति जागरूकता

अंत में, फैटी लिवर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। लोगों को इस बीमारी के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित करना चाहिए। समाज में स्वास्थ्यकर आहार और जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जा सकते हैं।

याद रखें, फैटी लिवर बीमारी का प्रबंधन और निवारण संभव है अगर सही समय पर उचित कदम उठाए जाएं। एक स्वस्थ जीवनशैली न केवल फैटी लिवर से बचाव में सहायक है, बल्कि यह अन्य कई बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है।

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