क्या आप जानते हो डॉ. एमएस स्वामीनाथन कौन है ? जिन्हें मिलेगा भारत रत्न, कहे जाते हैं हरित क्रांति के जनक

डॉ. मनकोम्बु संबासिवन स्वामीनाथन, जिन्हें प्यार से एमएस स्वामीनाथन के नाम से जाना जाता है, भारत के एक महान कृषि वैज्ञानिक थे। उन्हें हरित क्रांति का जनक माना जाता है, जिसने 1960 के दशक में भारत में कृषि क्षेत्र में क्रांति ला दी और देश को खाद्य आत्मनिर्भर बनाया।

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उन्होंने धान की उपज बढ़ाने वाली नई किस्मों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई, जिससे पंजाब, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कृषि की उन्नति हुई।

क्या आप जानते हो डॉ. एमएस स्वामीनाथन कौन है ? जिन्हें मिलेगा भारत रत्न, कहे जाते हैं हरित क्रांति के जनक
क्या आप जानते हो डॉ. एमएस स्वामीनाथन कौन है ? जिन्हें मिलेगा भारत रत्न, कहे जाते हैं हरित क्रांति के जनक

भारत रत्न से सम्मानित

केंद्र सरकार ने हाल ही में डॉ. स्वामीनाथन को भारतीय कृषि और किसानों के कल्याण में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च सम्मान, भारत रत्न से नवाज़ने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खुशखबरी को साझा करते हुए डॉ. स्वामीनाथन के योगदान को सराहा।

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योगदान

डॉ. स्वामीनाथन ने अपने जीवनकाल में कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उन्होंने उच्च उपज देने वाली धान और गेहूं की किस्मों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में शिक्षित करने के लिए भी काम किया।

IGRI-ICR, NCF समेत कई विभागों में निभाई खास जिम्मेदारियां

डॉ. स्वामीनाथन ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कृषि विकास और किसानों की बेहतरी के लिए नवीन तकनीकों और नीतियों की शुरुआत की। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) और आईसीआर के महानिदेशक के रूप में और नेशनल कमीशन ऑन फार्मर्स (NCF) के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए किसानों की स्थिति में सुधार के लिए प्रयास किए।

डॉ. स्वामीनाथन की विरासत

डॉ. स्वामीनाथन की विरासत भारतीय कृषि के आधुनिकीकरण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के उनके अथक प्रयासों में निहित है। उनके नेतृत्व में की गई क्रांतिकारी पहलों ने न केवल भारतीय कृषि को नई दिशा प्रदान की, बल्कि देश की खाद्य समृद्धि और आत्मनिर्भरता में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके योगदान को भारत रत्न से सम्मानित करना उनके द्वारा किए गए कार्यों की असीम महत्वता को दर्शाता है।

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