राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है? | Rajbhasha aur Rashtra Bhasha me Antar

क्या आप जानते है Rashtrabhasha और Rajbhasha में क्या अंतर है ? यहाँ हम आपको राष्ट्रभाषा और राजभाषा दोनों में अंतर के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे।

राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है – आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है ? इसके बारे में जानकारी देने जा रहें है। अकसर किसी भी परीक्षा में पूछ लिया जाता है कि राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है ? बताइये। अगर आप भी राष्ट्रभाषा और राजभाषा दोनों के अंतर के बारे में जानना चाहते है तो यहाँ हम आपको rajbhasha aur rashtrabhasha mein antar के विषय में और इससे सम्बंधित जानकारी आपको इस लेख में विस्तारपूर्वक देंगे। राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है? इससे सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़िए –

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राजभाषा और राष्ट्रभाषा
राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है?

अगर आप भी राजभाषा और राष्ट्रभाषा के अंतर को स्पष्ट रूप से जानना चाहते है तो यहाँ हम आपको इन दोनों भाषों के अंतर के विषय में जानकारी देंगे। राष्टभाषा वह भाषा है जो आम जन द्वारा बोली जाती है और राजभाषा कार्यालयों में सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्रयोग में लाई जाती है। आगे दी गई जानकारी के माध्यम से हम आपको राजभाषा और राष्ट्रभाषा की पूरी जानकारी देंगे।

राजभाषा और राष्ट्रभाषा में क्या अंतर है?

क्या आप जानते है Rashtrabhasha और Rajbhasha में क्या अंतर है ? यहाँ हम आपको राष्ट्रभाषा और राजभाषा दोनों में अंतर के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे। जानिए दोनों भाषाओं में क्या अंतर है। हम आपको नीचे दी गई सारणी के माध्यम से जानकारी देने जा रहें है। ये सारणी निम्न प्रकार है –

क्रम संख्या राष्ट्रभाषा राजभाषा
1राष्ट्रभाषा जन सामान्य की भाषा होती है। राजभाषा देश के प्रशासन-वर्ग की भाषा होती है।
2राजभाषा समूचे देश के नागरिकों को एक-दूसरे से परस्पर जोड़ती है। राजभाषा राज्यों के कार्यालयों या संघ से राज्यों द्वारा किये जाने वाले पत्राचार और अधिनियम, नियम आदि बनाने में प्रयुक्त होती है।
3राष्ट्रभाषा प्रयोग तथा व्यवहार में अनौपचारिक होती है। राजभाषा मर्यादा में बंधी होती है। उसमें अभिव्यक्ति को समयित रूप से व्यक्त किया जाता है।
4राष्ट्रभाषा देश के कोने-कोने में तीर्थों, सभा गोष्ठियों मनोरंजन स्थलों आदि सभी जगह व्यवहार में होती है। राजभाषा सीमित क्षेत्र प्रशासनिक या विधिक कार्यों से सम्बंधित निश्चित शब्दवली होती है। उसमें विस्तार की अपेक्षा संक्षिप्ता का गुण होता है।
5जनसामान्य की भाषा होने के कारण राष्ट्रभाषा में विभिन्न बोलियों का प्रभाव लोक-प्रयोग, सहजता, अनौपचारिकता आदि गुण होते है। राजभाषा की शब्दावली प्रशासनिक कार्यालयों तक ही सीमित रहती है।
राजभाषा और राष्ट्रभाषा

Rashtrabhasha क्या है ?

राष्ट्रभाषा एक वह भाषा है तो एक पूरे राष्ट्र या देश द्वारा समझी और बोली जाती है। तथा उस राष्ट्र की संस्कृति से सम्बंधित होती है। यह भाषा पूरे देश की होती है। किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा और उसकी संस्कृति से होती है। सम्पूर्ण विश्व में हर देश की अपनी एक भाषा और अपनी एक संस्कृति होती है। जिसकी छाव में उस देश के लोग पले -बड़े होते है। अगर कोई देश अपनी मूल भाषा छोड़कर किसी दुसरे देश की भाषा में आश्रित होता है तो उसे सांस्कृतिक रूप से गुलाम कहते है। राष्ट्रभाषा का उपयोग आम जनता द्वारा किया जाता है। इसी क्रम में कुछ पंक्तियाँ निम्न प्रकार है –

राष्ट्र भाषा के बिना एक राष्ट्र गूंगा है।
—-महात्मा गाँधी

हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी है। हिंदी भाषा देश के अधिकांश लोगो के द्वारा बोली जाती है। इस भाषा को कोई भी व्यक्ति आसानी से सीख सकता है और बोल भी सकता है। ऐसी ही अन्य खूबियों के कारण संविधान निर्माताओं ने हिंदी भाषा को राष्ट्र भाषा के रूप में चुना। संघीय स्तर पर राजभाषा के रूप में अंग्रेजी का वर्चस्व आज भी कायम है। ऐसे लोग जो भारत में रहते है और उन्हें हिंदी बोली या पढ़नी या लिखनी नहीं आती, यह उनके लिए बहुत शर्म की बात है।

जैसे कि आप सभी जानते है भारत में अनेक भाषाएँ और बोलियां बोली जाती है, इसी प्रकार हमारे देश में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है –कोस-कोस पर बदले पानी, और चार कोस पर वाणी। जिसका अर्थ है हमारे देश में एक कोस पर पानी का स्वाद बदल जाता है और चार कोस पर वाणी बदल जाती है।

Rajbhasha क्या है ?

राजभाषा वह भाषा है जो राज यानी प्रशासन द्वारा बोलने हेतु प्रयोग में लाई जाती है। वह भाषा जो राजकीय कार्यों के लिए प्रयुक्त होती है, वह राजभाषा कहलाती है। जानकारी के लिए बता दें भारतीय केंद्र सरकार ने अंग्रेजी और हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकारा है। राजभाषा का उपयोग मुख्यतः सरकारी कर्मचारी करते है। राजाओं के जमाने में इसे दरबारी भाषा भी कहा जाता था। जानकारी के लिए बता दें राजभाषा अधिनियम 1963 में बना। हालांकि इसमें 1967 में संशोधन भी किया गया। इसी क्रम में कुछ पंक्तियाँ निम्न प्रकार है –

जन-जन को जो मिलाती है,
वो भाषा हिंदी कहलाती है।।

राष्ट्रभाषा की विशेषताएं क्या है ?

उम्मीदवार ध्यान दें यहाँ हम आपको बताएंगे राष्ट्रभाषा की विशेषताएं क्या है ? अगर आप भी राष्ट्रभाषा की विशेषता जानना चाहते है तो आप नीचे दिए गए पॉइंट्स को ध्यानपूर्वक पढ़ें। ये पॉइंट्स निम्न प्रकार है –

  • राष्ट्रभाषा को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होता है।
  • राष्ट्रभाषा का अपना साहित्य होता है।
  • राष्ट्रभाषा का साहित्य समृद्ध और व्यापक होता है।
  • यह भाषा बहुसंख्यक लोगो द्वारा बोली जाती है।
  • यह शिक्षा प्रशासन और जनसंपर्क की निर्विवाद भाषा होती है।

राष्ट्रभाषा का महत्व

जानकारी के लिए बता दें किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र की अपनी एक भाषा होती है जो उसका गौरव होती है। राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र के स्थायित्व के लिए राष्ट्रभाषा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए जो किसी भी राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण होती है। यह एक ऐसी भाषा है जो लोगो को जोड़े रखने का काम करती है। इस भाषा के माध्यम से अलग-अलग जगहों के लोग परस्पर जुड़े रहते है। इसी क्रम में कुछ पंक्तियाँ निम्न प्रकार है –

निज भाषा उन्नत अहै, सब उन्नति कौ मूल
बिनु निज भाषा ज्ञान के, मिटे न हिय के सूल।

भाषा ही एकमात्र स्रोत है जिसके माध्यम से मनुष्य अपने विचारों का आदान-प्रदान करता है। किसी को भी कोई बात कहने या किसी की कोई भी बात सुनने हेतु भाषा एक सशक्त साधन है। जब कोई शिशु जन्म लेता है और बड़ा होता है तो उसके माता-पिता ही उसे बोलना सिखाते है। जैसे कि आप सभी जानते है भारत देश में विभिन्न राज्य है और सभी राज्यों की भाषा भी भिन्न है। इसी कारण भारत देश को बहुभाषी राष्ट्र भी कहा जाता है।

राजभाषा की विशेषता क्या है ?

राज्य में बोली जाने वाली भाषा को राजभाषा कहा जाता है। यहाँ हम आपको राजभाषा की क्या विशेषताएं है इसके विषय में जानकारी देने जा रहें है। राजभाषा की विशेषता क्या है ? इसके बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए पॉइंट्स को पढ़कर ध्यानपूर्वक जानकारी प्राप्त करें। राजभाषा की विशेषताएं निम्न प्रकार है –

  • किसी भी प्रदेश में बोली जाने वाली भाषा को उस प्रदेश की राजभाषा कहा जाता है।
  • राजभाषा सरकारी कामकाज की भाषा होती है।
  • कार्य के निर्णय, शिक्षा का माध्यम, रेडियो और दूरदर्शन आदि में राज्य भाषा का ही प्रयोग होता है।

राजभाषा और राष्ट्रभाषा से सम्बंधित कुछ प्रश्न/ उत्तर

Rajbhasha क्या है ?

राजभाषा वह भाषा है जो राज यानी प्रशासन द्वारा बोलने हेतु प्रयोग में लाई जाती है। भारतीय केंद्र सरकार ने अंग्रेजी और हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकारा है।

Rashtrabhasha क्या है ?

राष्ट्रभाषा एक वह भाषा है तो एक पूरे राष्ट्र या देश द्वारा समझी और बोली जाती है। तथा उस राष्ट्र की संस्कृति से सम्बंधित होती है। यह भाषा पूरे देश की होती है। । सम्पूर्ण विश्व में हर देश की अपनी एक भाषा और अपनी एक संस्कृति होती है। जिसकी छाव में उस देश के लोग पले -बड़े होते है। अगर कोई देश अपनी मूल भाषा छोड़कर किसी दुसरे देश की भाषा में आश्रित होता है तो उसे सांस्कृतिक रूप से गुलाम कहते है।

राष्ट्रभाषा को इंग्लिश में क्या कहते है ?

राष्ट्रभाषा को इंग्लिश में नेशनल लैंग्वेज कहा जाता है।

राजभाषा को इंग्लिश में क्या कहते है ?

राजभाषा को इंग्लिश में ऑफिसियल लैंग्वेज कहा जाता है।

राष्ट्र्भाषा की दो विशेषताएं बताइए।

राष्ट्रभाषा की दो विशेषताएं निम्न प्रकार है –
यह भाषा बहुसंख्यक लोगो द्वारा बोली जाती है।
यह शिक्षा प्रशासन और जनसंपर्क की निर्विवाद भाषा होती है।

राजभाषा की दो विशेषताएं बताइए।

राजभाषा की दो विशेषताएं निम्न प्रकार है
किसी भी प्रदेश में बोली जाने वाली भाषा को उस प्रदेश की राजभाषा कहा जाता है।
राजभाषा सरकारी कामकाज की भाषा होती है।

जैसे कि इस लेख में हमने आपको राजभाषा और राष्ट्रभाषा में अंतर से सम्बंधित जानकारी प्रदान की है। अगर आपको इन जानकारियों के अलावा अन्य कोई भी जानकारी चाहिए तो आप नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में जाकर मैसेज करके पूछ सकते है। आपके सभी के उत्तर अवश्य दिए जाएंगे। आशा करते है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी से सहायता मिलेगी।

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