नारा लेखन (Nara lekhan) in Hindi Format, Example

हिंदी व्याकरण में नारा लेखन एक अभिन्न अंग है। नारा लेखन न केवल व्याकरण के लिए बहुत जरुरी है अपितु यह कई वर्षों से इंसानी जीवन का भी एक अभिन्न अंग रह चुका है।

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नारा लेखन का प्रयोग हम अपनी बात कहने/सुनाने के लिए करते हैं, क्योंकि यह बहुत ही क्रन्तिकारी एवं प्रभावशाली होते हैं।

इसका उपयोग हम लगभग सभी जगह जैसे कि व्यवसायियों में, युद्ध में, राजनीति में, धार्मिक और अन्य संदर्भों में बहुत ही प्रभावशाली ढंग से कर सकते हैं। नारा छोटा या लम्बा हो सकता है लेकिन अधिकतर नारा लेखन छोटे ही होते हैं।

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नारा लेखन (Nara lekhan) in Hindi Format, Example
नारा लेखन (Nara lekhan)

जिस भी छोटे वाक्य को पढ़कर किसी भी व्यक्ति में उत्साह पैदा हो जाए वह नारा लेखन है। Slogan एक इंग्लिश का वाक्य है जिसे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सैनिक लॉर्ड किचनर ( Lord Kitchener) के द्वारा बनाया गया था।

उनके द्वारा कहा गया था कि “आपके देश को आपकी जरूरत है (Your country needs you)”। यह नारा बाद में काफी प्रसिद्ध भी हुआ।

नैरा लेखन के साथ साथ आप अनुच्छेद-लेखन के प्रारूप के बारे में भी पढ़ सकते हैं यह भी आपके लिए काफी लाभ दायक होगा।

अगर आप भी नारा लेखन (Slogan Writing) के बारे में सम्पूर्ण चीजें जानना चाहते हैं तो आज हम अपने आर्टिकल की सहायता से आपको नारा लेखन की सम्पूर्ण जानकारी बताएंगे।

Slogan Writing (नारा लेखन)

नारा वाणिज्यिक, राजनैतिक, धार्मिक तथा अन्य संदर्भ को किसी विचार या उद्देश्य को बार बार अभिव्यक्त करने के लिए प्रयुक्त एक वाक्य या सूक्ति है।

अगर हम अन्य शब्दों में कहें तो स्लोगन को हिंदी में आह्वान वाक्य, नीतिवचन, उद्घोष, प्रचार वाक्य या सिद्धांत वाक्य भी कहते हैं। नारे का शाब्दिक अर्थ तेज आवाज, जोर का शब्द, बुलंद की जाने वाली सामूहिक या एकल आवाज है।

नारा लेखन की परिभाषा

नारे को हम अलग अलग विषयों से संबंधित समाज में किसी विशेष वस्तु की विशेषता को स्थापित करता है। जो भी वाक्य संक्षिप्त, सार्थक, एवं प्रेरणादायक हो ऐसे वाक्य ही नारा या Slogan कहे जाते हैं।

सभी शब्दों में ऐसा वाक्य या शब्दों का समूह जो की लोगों की जुबान पर चढ़ जाए तथा नागरिको को प्रेरित करने की क्षमता को रखता हो ऐसे वाक्य को नारा कहते हैं।

जोर आवाज के शब्द, जो बुलंद आवाज से बोले जाते हैं इनकी सामूहिक या एकल आवाज को नारा कहा जाता है। अगर हम इसे देखें तो यह एक पुलिंग और संज्ञा है।

हर एक slogan में ऐसी शक्ति होती है की वह लोगों के मन में एक गहरा प्रभाव डालती है अर्थात नारे सभी नागरिकों के मन में एक गहरी छाप को छोड़ने वाले होते हैं।

अगर हम आसान शब्दों में कहें तो किसी व्यक्ति, दल, पक्ष के उद्देश्य को बताने के लिए लयबद्ध, प्रेरणादायक, ऊर्जावान, विशेषता बताने वाले, तथा आदर विचारों को लोगों के लिए आकर्षित करने के लिए बोलै या लिखा जाता है उसे नारा Slogan कहते हैं।

नारा लेखन के प्रकार

नारे कई सारे प्रकार के होते हैं अलग अलग क्षेत्रों में तथा विषयों में अलग अलग उद्देश्यों से नारे लिखे जाते हैं। नारों का सभी के जीवन में नकारत्मक एवं सकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ सकते हैं। सभी क्षेत्रों में नारों का अपना अलग अलग महत्व होता है। नारों के कुछ प्रकार को हमारे द्वारा निचे दिए गए हैं :-

  • धार्मिक 
  • सामाजिक 
  • आध्यात्मिक
  • उत्साहदायक
  • व्यवसायिक
  • राजनैतिक 
  • प्रेरणात्मक

नारा लेखन का प्रारूप हिंदी में

अगर आप भी नारा लिखने का प्रयत्न कर रहे हैं तो आपको सबसे पहले इसके फॉर्मेट यानि ढांचे (प्रारूप) को समझना होगा। ज्यादातर नारों को हमे एग्जाम में लिखने की जरूरत पड़ती है इसलिए यह जरुरी हो जाता है की आप नारों को अच्छे तरीके से फॉर्मेट में लिखे।
एक अच्छे फॉर्मेट के तरीके से लिखे हुए नारे को एग्जाम में भी अच्छे अंक प्रदान किए जाते हैं। इसलिए आज हम पहले नारे के फॉर्मेट के बारे में जानेंगे।

  • नारे में हमेशा ही सरल एवं प्रचलित शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।
  • एक छोटा वाक्य वाला नारा बहुत कुछ बोल जाता है इसलिए अपने नारे को हमेशा ही सोच समझ कर लिखना चाहिए।
  • नारे को हमेशा बैठते शब्दों में लिखें इससे तुक लय आता है और फिर हमे इसे ऊँची आवाज में बड़ी ही आसानी से बोल सकते हैं।
  • यह कोशिश करनी चाहिए की नारा कम शब्दों का ही हो। कभी भी अच्छे नारे को लिखने के लिए अधिक शब्दों की आवश्यकता नहीं पड़ती।
  • यह ध्यान रखना चाहिए की नारा हमेशा ही प्रभावशाली होना चाहिए।
  • आप नारा लेखन के समय समानार्थी शब्दों का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • नारा लेखन के समय आपको चिन्हो का भी खास ध्यान रखना चाहिए जैसे की उद्गार चिह्न, अल्पविराम, पूर्ण विराम वगेरा। ताकि नारों को पढ़ने वाला व्यक्ति उच्चारण करते समय उचित लय के साथ बोल पाए।
  • आपको यह भी ध्यान देना है की अगर आपका नारा दो वाक्यों का है तो इसे आप चिपका के न लिंखे, इसे आप एक के निचे एक करके लिखें।
  • यह बात आपको पता होनी चाहिए की सभी नारे कुछ न कुछ उद्देश्य के लिए बनाए जाते हैं इसलिए आपका नारा भी कुछ उद्देश्यपूर्ण तरीके से बनना चाहिए।
  • आपको अपने नारे में उचित शब्दों का ही चयन करना चाहिए, इसमें अत्यधिक शब्द न डालें।
  • इसके बाद यह सबसे जरुरी ध्यान देने योग्य बात है की आपके शब्द आपस में मेल खाने चाहिए।

नारा लेखन का उद्देश्य

  • किसी भी राजनितिक, सामाजिक संस्था, व्यक्ति या अन्य अभियान के दौरान लोगों का ध्यान खींचने के लिए नारा लिखा जाता है।
  • नारा लेखन को समाज में आदर्श सन्देश देने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • नागरिकों को किसी भी कार्य को करने के लिए प्रेरित करने के लिए नारा लिखा जाता है।
  • Slogan writing का उपयोग सामाजिक अभिव्यक्ति को प्रकट करने के लिए भी किया जाता है।
  • लोगों में किसी भी उद्देश्य को जागृत या प्रेरित करने के लिए नारा लेखन Slogan writing लिखा जाता है। जैसे की “जल ही जीवन है”, इसमें यह नारा पानी बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है।

नारा लेखन की विशेषताएँ

  • नारा काफी सरल तथा लयबद्ध होना चाहिए जो की लोगों के सीधे जुबान पर आ जाए।
  • नारे को अगर तुक लय के साथ लिखा गया हो तो यह और भी अच्छा है।
  • सभी नारों मे लोकप्रिय शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • नारे को हमेशा ही संक्षिप्त शब्दों में लिखना चाहिए।
  • नारे का अर्थ बहुत ही गंभीर होना चाहिए।
  • नारे की सीमा अधिकतम 10 से 12 शब्दों की होनी चाहिए।
  • सभी नारों में विशेषता का सटीक वर्णन होना चाहिए।
  • नारा हमेशा ही लोगों को प्रेरित व जागृत करने वाला होना चाहिए।
  • नारे को लिखते समय शब्दों का आपस में तालमेल होना अति आवश्यक है।
  • नारा लेखन के समय आप पर्यायवाची शब्दों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए की नारा एक या दो पंक्तियों का होना चहिए।

स्वतंत्रता के समय नारों की भूमिका

भारत के साथ साथ विश्व में भी बहुत समय से नारा का बहुत ही गहरा संबंध है, भारत में नारों का अपना अलग ही इतिहास है प्राचीन समय से ही अनेक क्षेत्रों में नारों का इस्तेमाल किया जाता है। लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विश्व में विभिन्न देशो के द्वारा नारा लिखा जाता है।

भारत के स्वतंत्रता के समय भी अनेक महापुरुषों के द्वारा अलग अलग नारे दिए गए जो की आगे जाकर काफी प्रसिद्ध हुए इनमे से कुछ नारों को हमारे द्वारा निचे लिखा गया है:-

किन के द्वारा कहे गएनारे (slogans)
सुभाष चंद्र बोस“तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा”
महात्मा गांधी“करो या मरो”
सुभाष चंद्र बोस“जय हिंद”
बकीम चंद्र चटर्जी“वंदे मातरम”
भगत सिंह“इंकलाब जिंदाबाद”
बाल गंगाधर तिलक“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा”
जवाहरलाल नेहरू“आराम हराम है”
लाल बहादुर शास्त्री“जय जवान जय किसान”
राम प्रसाद बिस्मिल“सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है”

नारा लेखन के फायदे

  • नारा लेखन की शक्ति बहुत ही शक्तिशाली होती है यह लोगों में अपना सीधा प्रभाव डालती है।
  • नारा लेखन की सहयता से आप अपने भावों को बहुत ही कम शब्दों के साथ आम जनमानस को पहुंचा सकते हैं।
  • नारा हमेशा ही लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाया जाता है।
  • नारे को हम कई बार जोर जोर से बोलते हैं जिससे की इससे लोगों के दिलों दिमाग पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है।
  • नारा लेखन समाज में परिवर्तन लाने की क्षमता को काफी तीव्र कर देता है।
  • नारे लेखन के अंतर्गत लिखे गए नारों को हम हथियार के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • नारों का असर आम जनता पर काफी तीव्र गति से होता है।

पानी पर नारा लेखन

  • करना है जल का संचय, कर लो अपने मन में निश्चय।
  • देश में खुशहाली लायेंगे, पानी को हम बचायेंगे।
  • पानी को बचना है, विश्व को खुशहाल बनाना है।
  • जन-जन ने माना है, जल को अब बचाना है।
  • जल ही तो जीवन है।
  • अगर आज जल ना बचाओगे, कल का दिन देख न पाओगे।
  • जल का करोगे सम्मान, आने वाली पीढ़ी करेगी सलाम।
  • जल प्रदूषण के हैं कई कारण, जल संरक्षण ही है एक निवारण।

समय पर नारा लेखन

  • समय बिगड़ने पर मित्र भी शत्रु हो जाता है।
  • समय बड़ा बलवान है, अच्छे अच्छे बने पहलवान हैं।
  • जो भी समय का करे अपमान, बाद में समाज भी करे उसका अपमान।
  • जिसने समय को न पहचाना, उसने खुद को कभी भी न जाना।
  • समय का शिक्षा कभी भी झूठ नहीं बोलता।
  • समय का सम्मान करो, जीवन का मान करो।
  • समय को तुम पहचानो, सफलता की परिभाषा को जानो।
  • जो भी समय का महत्व जाने, वह अपने भविष्य को जाने।
  • जो समय को खुद चलाये, समय भी उसी को सफल बनाए।

पर्यावरण पर नारा लेखन

  • पर्यावरण है हमारी जान, इसलिए करो इसका सम्मान।
  • सब मिलकर बचाओ पर्यावरण, प्रकृति का मत करो शोषण।
  • पर्यावरण बचाओ, धरती को स्वर्ग बनाओ।
  • दुनिया की रक्षा, पर्यावरण की सुरक्षा।

क्या आपको निबंध लेखन के बारे में पता है अगर नहीं तो आपको हमारे दूसरे आर्टिकल को पढ़ना चाहिए।

नारा लेखन पर महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

नारा लेखन किसे कहते हैं ?

नारा वाणिज्यिक, राजनैतिक, धार्मिक तथा अन्य संदर्भ को किसी विचार या उद्देश्य को बार बबर अभिव्यक्त करने के लिए प्रयुक्त एक वाक्य या सूक्ति है। अगर हम अन्य शब्दों में कहें तो स्लोगन को हिंदी में आह्वान वाक्य, नीतिवचन, उद्घोष, प्रचार वाक्य या सिद्धांत वाक्य भी कहते हैं।

नारा लेखन कितने प्रकार के होते हैं ?

नारे कई सारे प्रकार के होते हैं अलग अलग क्षेत्रों में तथा विषयों में अलग अलग उद्देश्यों से नारे लिखे जाते हैं। नारों के कुछ प्रकार हैं:- धार्मिक, सामाजिक, आध्यात्मिक, उत्साहदायक, व्यवसायिक, राजनैतिक तथा प्रेरणात्मक।

नारा कितने शब्दों का होना चाहिए तथा किस लय में लिखा जान चाहिए ?

हमे यह कोशिश करनी चाहिए की एक नारा केवल 10 से 12 शब्दों का लिखा जाना चाहिए तथा इसको तुक लय के साथ लिखा जाना चाहिए।

नारा लेखन किस उद्देश्य से लिखा जाता है ?

किसी भी राजनितिक, सामाजिक संस्था, व्यक्ति या अन्य अभियान के दौरान लोगों का ध्यान खींचने के लिए नारा लिखा जाता है।

भारत में स्वतंत्रता के समय सुभाष चंद्र बोस जी के द्वारा क्या क्या नारे दिए गए थे ?

भारत में स्वतंत्रता के समय सुभाष चंद्र बोस जी के द्वारा वैसे तो कई सरे नारे दिए गए लेकिन जो काफी प्रसिद्ध हुए वह दो हैं “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” और “जय हिंद”

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