चंदन क्या है | चंदन कितने प्रकार का होता है ? जानिए चंदन की कीमत इतनी महंगी क्यों होती है ?

दोस्तों, आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको चंदन क्या है ? और इससे सम्बंधित पूरी जानकारी देने जा रहें हैं। जानकारी के लिए बता दें भारतीय चंदन का संसार में सर्वोच्च स्थान है। चंदन को अंग्रेजी में सैंडलवुड कहते है। चंदन के पेड़ अधिकांशतः कर्नाटक के जंगलो में पाए जाते है। चंदन कई प्रकार के होते है और भारत देश के अलग-अलग क्षेत्रों में पाए जाते है।

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यहाँ हम आपको बतायेंगे चंदन क्या है ? चंदन कितने प्रकार का होता है ? लाल चन्दन और सफेद चंदन में क्या अंतर है ? जानिए चंदन की कीमत इतनी महंगी क्यों होती है ? चंदन का औषधीय महत्व क्या है ? इन सभी के विषय में हम आपको विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे। Chandan Kya Hai ? सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़िए –

चंदन क्या है | चंदन कितने प्रकार का होता है ?
चंदन क्या है | चंदन कितने प्रकार का होता है ?

चंदन क्या है ?

चंदन क्या है सबसे पहले अगर चंदन के स्वरुप की बात करें तो यह एक सामान्य वृक्ष है। इसकी पत्तियां लम्बी होती है। इस पौधे की जड़े एक होस्टरिया के सहारे दूसरे पौधों की जड़ों से जुड़ कर भोजन, पानी व खनिज लेती है। चंदन के पर पोषकों में नीम, अमलतास, केजुरिना आदि पेड़ों की जड़े मुख्य है। चंदन के साथ में अरहर की खेती हो सकती है। चन्दन का दूसरी फसलों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। चंदन मूल रूप से भारत में पाया जाने वाला पौधा है। इसका उत्त्पति स्थान भारत देश ही है।

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यह भारत के शुष्क क्षेत्रों में विंध्य पर्वत माला से लेकर दक्षिणी क्षेत्र कर्नाटक व तमिलनाडु में पाया जाता है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आदि राज्यों की जमीने चंदन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। भारत के अलावा यह ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया आदि देशों में भी पाया जाता है। भारतीय चंदन, जिसे 1792 में ‘रॉयल ​​ट्री’ घोषित किया गया था, को चंदन की प्रजातियों की दुनिया की 15 किस्मों के मुकुट में गहना माना जाता है; हजारों वर्षों से राजाओं, प्राचीन संस्कृतियों और आध्यात्मिकताओं द्वारा लालसा।

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चंदन कितने प्रकार का होता है ?

आपकी जानकारी के लिए बता दें चंदन चार प्रकार का होता है। यहाँ हम आपको चंदन के दोनों प्रकार के विषय में बताने जा रहें हैं। चंदन (Chandan) के प्रकार के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए पॉइंट्स पढ़ें –

चंदन क्या है

  1. लाल चंदन
  2. सफेद चंदन
  3. मयूर चंदन
  4. नाग चंदन

लाल चन्दन और सफेद चंदन में अंतर

जानकारी के लिए बता दें चन्दन कई प्रकार के होते हैं। लेकिन उनमे से लाल चंदन और सफेद चन्दन की खेती ज्यादा की जाती है। क्या आप जानते हैं इन दो प्रकार के चन्दन में क्या ख़ास बात होती है और ये इतने महंगे क्यों होते हैं। यहाँ हम आपको लाल चन्दन और सफेद चंदन में अंतर बताने जा रहें हैं –

अंतर लाल चन्दन सफेद चंदन
साइंटिफिक नाम इसका साइंटिफिक नाम पेट्रोकोर्पस सेन्टीलीनस है। इसे अंग्रेजी में
रेड सैंडलवुड/रक्तचंदन कहा जाता है। यह रक्तचंदन वही होता है
जो अकसर सभी घरों में पाया जाता है। इसे घिस कर इसका लेप शरीर पर लगाया जाता है।
इसका साइंटिफिक नाम संतालम अल्बम है। आमतौर पर इसे भारतीय चन्दन के रूप में जाना जाता है।
प्रकृति लाल चंदन बहुत कठोर और वजन में भारी होता है। यह इतना भारी होता है कि लकड़ी होने के बावजूद भी यह पानी में डूब जाता है। यह बहुत कमजोर और वजन में हल्का होता है।
कहाँ पाया जाता है लाल चन्दन भारत के पूर्वी घाट के दक्षिणी क्षेत्र में यानि आंध्र प्रदेश के वनपथ में पाया जाता है। सफेद चंदन दक्षिण भारत और दक्षिण पूर्व एशिया और ज्यादातर कर्नाटक, तमिल नायडु, गोवा, केरला आदि राज्यों में पाया जाता है।
ऊंचाई लालचंदन का पेड़ 5 मीटर से 8 मीटर तक ऊँचा होता है। सफेद चंदन का पफ 4 मीटर से 10 मीटर तक ऊँचा होता है।
प्रयोग इस चन्दन का इस्तेमाल मादक पदार्थो में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल खांसी के इलाज और रक्त शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। इससे दवाई और सौंदर्य संसाधन की वस्तुएं बनाई जाती है। इस चंदन से निकलने वाले तेल का प्रयोग सौंदर्य की वस्तुएं बनाने और इत्र बनाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

जानिए चंदन की कीमत इतनी महंगी क्यों होती है ?

जानकारी के लिए बता दें भारत में उत्पादित होने वाले चंदन की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बड़ी मांग है। सामान्यतः चंदन की हार्डवुड का मूल्य 6000 से 12000 रूपये प्रति किलो होता है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसका मूल्य 25000 रूपये तक है। एक चंदन के पेड़ से 12 से 20 किलो तक लकड़ी प्राप्त होती है। साथ ही हार्डवुड के ऊपर जो सफेद वुड होती है वह हमे एक पेड़ से 20 से 40 किलो मिलती है। जिसका बाजार मूल्य 600 रूपये से 800 रूपये किलो होता है और साथ ही बार्क वुड जो पेड़ की लकड़ी की ऊपरी परत है वह हमे 30 से 60 किलो मिलती है।

जिसका मूल्य 50 रूपये किलो होती है। जानकारी के लिए बता दें सबसे महंगा लाल चंदन होता है इसकी मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होती है। चंदन को बड़ी-बड़ी कंपनियों जहाँ पर चन्दन के प्रोडक्ट तैयार किये जाते है जैसे – तेल, साबुन, अगरबत्ती, परफ्यूम आदि। उनके द्वारा खरीदा जाता है जैसे -डाबर, के.एस.डी.एल कंपनी बंगलौर आदि। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यह निर्यात भी किया जाता है जिसकी बहुत अधिक मांग बनी हुई है।

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चंदन का औषधीय महत्व

चंदन की लकड़ी, बीज और जड़े सभी का औषधीय महत्व है। आयुर्वेद के चिकित्सा ग्रंथो में से लघु रुक्ष तथा शरीर के अमाशय, आंत व यकृत के लिए वल्य बताया गया है। यूनानी चिकित्सा में चन्दन दस्त, अतिसार, चिड़चिड़ापन एवं मानसिक रोगो में अत्यंत प्रभावकारी औषधि है। चंदन की लकड़ी एक सुगन्धित और प्राकृतिक लकड़ी होती है जिसका उपयोग उपचार हेतु आयुर्वेद में सदियों से होता आ रहा है।

प्राचीनकाल से ही चंदन का उपयोग सुंदरता बढ़ाने के लिए होता आ रहा है। चंदन का पाउडर न केवल चेहरे को मुलायम व चमकदार बनाता है बल्कि इसके इस्तेमाल से त्वचा सम्बंधित समस्याओं का समाधान भी होता है। चंदन अन्य कई रोगो में लाभप्रद होता है। जानिए नीचे दी गई जानकारी को पढ़कर –

  • मस्तिष्क के लिए लाभप्रद
  • खुजली में लाभप्रद
  • बालो के लिए
धार्मिक महत्व

धार्मिक तौर पर देखा जाये तो जब हम चंदन को अर्पण करते है तो उसका भाव यह है कि हमारा जीवन ईश्वर की कृपा से सुगंध से भर जाये तथा हमारा व्यवहार शीतल रहे, चंदन का तिलक ललाट पर या छोटी सी बिंदी के रूप में दोनों भोहों के मध्य लगाया जाता है, जो शीतलता प्रदान करता है। हिन्दू धर्म में चंदन का माना जाता है और माना जाता है कि चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापो का नाश है तथा हम कई तरह के संकटो से बच जाते है।

पुराणों में कहा जाता है कि तुलसी और चंदन की माला से विष्णु भगवान के मन्त्र का जाप करना चाहिए। गणेश की उत्पत्ति पार्वती द्वारा चंदन के मिश्रण से हुई है। चंदन के वृक्ष पर सांप लिपटे होने के बावजूद इसमें जहर नहीं होता है। जैसा कि रहीम जी ने अपने दोहे में कहा है –

जो रहीम उत्तम प्रकृति का करी सकत कुसंग,
चंदन विष व्याप्त नहीं लिपटे रहत भुजंग।

अर्थ – कबीर कहते है जो उत्तम स्वभाव और दृढ़ चरित्र वाले व्यक्ति होते हैं, बुरी संगति भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। जिस प्रकार चंदन के वृक्ष से लिपटे विषैले सर्प भी अपना प्रभाव उस पर नहीं छोड़ पाते है।

Chandan Kya Hai ? सम्बंधित कुछ प्रश्न और उत्तर

लाल चंदन का वैज्ञानिक नाम क्या है ?

लाल चन्दन का वैज्ञानिक नाम पेट्रोकोर्पस सेन्टीलीनस है। इसे अंग्रेजी में रेड सैंडलवुड/रक्तचंदन कहा जाता है।

सफेद चंदन का वैज्ञानिक नाम क्या है ?

सफेद चंदन का वैज्ञानिक नाम संतालम अल्बम है।

लाल चंदन के पेड़ की ऊंचाई कितनी होती है ?

जानकारी के लिए बता दें लाल चन्दन की ऊंचाई मीटर से 8 मीटर तक होती है।

चंदन कितने प्रकार के होते है ?

चंदन चार प्रकार के होते हैं जैसे – लाल चन्दन, सफेद चन्दन, मयूर चंदन और नाग चन्दन।

जैसे कि इस लेख में हमने आपसे चंदन क्या है ? 2023 और इससे जुडी समस्त जानकारी साझा की है। अगर आपको इन जानकारियों के अलावा योजना से जुडी कोई भी जानकारी चाहिए तो आप ने दिए गए कमेंट सेक्शन में मैसेज करके पूछ सकते है। हमारी टीम द्वारा आपके सभी प्रश्नों के उत्तर अवश्य दिए जायेंगे। आशा करते है आपको हमारी दी गई जानकारी से सहायता मिली होगी।

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