आर्ट्स में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं? आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है और इसमें कई स्कोप हैं।

दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे की आर्ट्स में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं? और आप आर्ट्स लेकर भविष्य में क्या – क्या स्कोप है, इसके लिए आपको हमारा आर्टिकल पूरा अंत तक पढ़ना होगा।

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बारहवीं के बाद जब विद्यार्थियों के कॉलेज में जाने का वक्त आता है तो प्रत्येक विद्यार्थी के सामने एक समस्या आती है की अब वह अपने उज्वल भविष्य के लिए कौन-से स्ट्रीम को चुने की उन्हें भविष्य में आगे किस फिल्ड में अपना परचम लहराना है। जिसके लिए उनको तीन स्ट्रीम में से एक का चयन करना होता है जैसे :- आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स। और जो बच्चे आर्ट्स चुनते है उनके दिमाग में बहुत से ख्याल आते है।

आर्ट्स में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं?
आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है और इसमें कई स्कोप हैं।

जैसे- यह आर्ट्स सब्जेक्ट उनके लिए अच्छा तो है न! इसमें कोई स्कोप है या नहीं, अगर हम आर्ट्स लेंगे तो हमें भविष्य में क्या -क्या कार्य करने को मिलेंगे, आर्ट्स में सब्जेक्ट्स क्या है, आर्ट्स करने के बाद हम क्या करेंगे, और भी कई सवाल आते है। आज उन्ही सवालों का जवाव देने का प्रयास किया है हमने क्योकि हम आपके शुभचिंतक है।

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आर्ट्स सब्जेक्ट का अर्थ

Arts का अर्थ होता है कलाएँ। प्रत्येक कार्य जो हम करते है उसे आर्ट कहते है जैसे शिल्पकार मूर्ति बनता है वह उसकी कला है। इसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति जो श्रम करके कोई कार्य करता है उसे आर्ट यानि की कला कहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में एक न एक कला छुपी होती है लेकिन उस हुनर को खोजने के लिए वह अपने पसंदीदा सब्जेक्ट को चुनता है और उसमे मेहनत करता है। अपनी उस कला को ही विद्यार्थी अपनी आजीविका का माध्यम बनाता है। छात्रों को दुनिया का अध्ययन करने और मानव समाज के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया जाता है।

आर्ट्स को BA भी कहते है, तो हम सभी जानते है की B.A एक कोर्स होता है यह कोर्स 3 साल का होता है। जिसमे 6 सेमेस्टर होते है। BA में हमें तीन विषयो को चुनना पड़ता है। यह विषय आप अपनी इच्छा से चुनते है। जो भी आपको अच्छा लगता है। और दो सब्जेक्ट कॉलेज वाले आपको देते है। आपकी स्किल्स बढ़ाने के लिए अर्थात कुल मिलकर BA में 5 सब्जेक्स्ट होते है, जो अध्यन के दौरान हमारे पास 3 वर्षो की अवधि तक रहते है।

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11वीं कक्षा में आर्ट्स सब्जेक्ट्स होते है ?

दसवीं कक्षा के बाद प्रत्येक विद्यार्थी यह सोचता है, की अब वह भविष्य में क्या करेगा। क्योकि ग्यारवी कक्षा में हमारे पास तीन ऑप्शन आते है। आर्ट्स, साइन्स और कॉमर्स जिनमे से अगर कोई विद्यार्थी आर्ट्स विषय को चुनता है, तो उसे आगे की पढाई के लिए 6 विषयो का चुनाव करना पड़ता है। क्योकि आर्ट्स में बहुत सारे सब्जेक्ट आते है। जिनमे से कुछ निम्नलिखित है :-

  • राजनीति विज्ञान
  • हिंदी (बोर्ड पर निर्भर करता है)
  • इतिहास
  • भूगोल
  • अंग्रेज़ी
  • नागरिक शास्त्र
  • ग्रह विज्ञान
  • इंग्लिश
  • समाज शास्त्र
  • अर्थशास्त्र
  • चित्रकारी
  • मनो विज्ञान

स्नातक की पढ़ाई कौन से है ?

BA की पढाई के लिए 20 से अधिक विषय होते है जिससे विद्यार्थी को अपने पसंद के विषय को चुनने का पूरा अधिकार होता है। स्नातक की पढ़ाई के लिए बहुत सारे सब्जेक्ट्स है, जिनमे से कुछ निम्नलिखित है :-

संख्या सब्जेक्ट (हिंदी में )सब्जेक्ट (इंग्लिश में)
1.राजनीति विज्ञानPolitical Science
2.मास मीडिया अध्ययनMass Media Studies
3.उद्यमिताEntrepreneurship
4.शारीरिक शिक्षाPhysical Education
5.भूगोलGeography
6.अंग्रेज़ीEnglish
7.गृह विज्ञानHome Science
8.विधिक अध्ययनLegal Studies
9.फैशन अध्ययनFashion Studies
10.समाज शास्त्रSociology
11.ललित कलाFine Arts
12.मनोविज्ञानPsychology
13.फिलॉसफीPhilosophy
14.संगीतMusic
15.मानवाधिकार और लिंग अध्ययनHuman Rights and Gender Studies
16.इनफार्मेशन प्रैक्टिसInformatics Practices
17.सार्वजनिक प्रशासनPublic Administration
18.इतिहासHistory
19.अर्थशास्त्रEconomics
20.हिंदी लिट्रेचर Hindi literature
21.हिंदी जनरल Hindi general
22.सांख्यिकी Statistics
23.शिक्षा शास्त्र Education
24.संस्कृत Sanskrit
25.एलिमेंट्री कंप्यूटर Elementary computer
26.पर्यावरण Environmental studies
27.चित्रकारी Painting
28.ग्रामीण विकास rural development
29.क़ानूनी अध्ययन Law

ARTS के महत्वपूर्ण सब्जेक्ट्स

वैसे तो सभी सब्जेक्ट्स महत्वपूर्ण होते है लेकिन कुछ मुख्य सब्जेक्ट है जिन्हे अधिकतम विद्यार्थी चुनते है। वह नीचे निम्नलिखित है:-

उद्यमिता (entrepreneurship)

जैसा की हम जानते है, भविष्य में कुछ विद्यार्थी अच्छी नौकरी करना चाहते है तो कुछ अपना खुद का व्यवसाय खोलना चाहते है। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को यह नहीं ज्ञात होता है, की उस व्यवसाय को चलाए कैसे इसलिए इस विषय में आपको सीखाया जाता है की नियुकीकरण ,निर्देशन, नियंत्रण आदि के बारे में ज्ञान प्रदान करते है। जिससे उन्हें भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार कर सके।

अर्थशास्त्र (Economics)

आर्ट्स के विषय अर्थशास्त्र में विद्यार्थियों को सिखाया जाता है की किसी वस्तु के निर्माण को उत्पादन कहते है। इसी तरह उपभोगता, क्रय-विक्रय और राष्ट्रीय आय आदि एवं वित्त से संबंधित आर्थिक स्थिति के ज्ञान से अवगत करते है इसकी खोज एडम स्मिथ ने की थी।

अर्थशास्त्र से हमारा तात्पर्य है, वित्त से सम्बंधित ज्ञान के विषय में सम्पूर्ण अध्ययन को हम अर्थशास्त्र कहते है।

हिंदी (Hindi)

हिंदी हमारी मात्र भाषा है, इसका अविष्कारक आमिर खुसरो को माना जाता है। यह बात तो हम सभी जानते है। लेकिन हिंदी का पूर्ण ज्ञान एक आम इंसान को नहीं होता है। जितनी सरल यह भाषा दिखती है उतनी जटिल भी है इसलिए इसके व्याकरण का संक्षेप में अध्ययन किया जाता है।

इतिहास (History)

इतिहास इसका का अर्थ है जो भूत काल में घटित हो या कोई बहुत पुरानी ईमारत या किसी शासक का कार्यकाल का अध्ययन करना हेरोदोस को इतिहास का जनक कहा जाता है।

राजनीती विज्ञान (political science)

राजनीती के जनक अरस्तू को कहा जाता है राजनीति विज्ञान दो शब्दों ‘Political’ (राजनीतिक) और ‘Science’ (विज्ञान) से मिलकर बना है। राजनीति का अर्थ होता है-नगर-राज्य दूसरे शब्द विज्ञान का अर्थ होता है- सुव्यवस्थित क्रमबद्ध् अध्ययन करना अथार्त नगर राज्य से संबंधित, सुव्यवस्थित और क्रमबद्ध् ज्ञान की जानकारी देता है।

अंग्रेजी (English)

वर्तमान समय में भारत का प्रत्येक व्यक्ति चाहता है की वह अंग्रेजी भाषा में निपूर्ण हो जाये। इंग्लिश सब्जेक्ट में इंग्लिश भाषा की जानकारी प्राप्त होती है। आधुनिक समय में अंग्रेजी भाषा एक वैश्विक भाषा है। अंग्रेजी प्रत्येक क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी भाषा का उपयोग देश -विदेशो के बीच भी किया जाता है।

शारीरिक शिक्षा (physical education)

शारीरिक शिक्षा में हमे सिखाया जाता है की अपने शरीर को सुरक्षित और स्वस्थ कैसे रख सकते है। हमें सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। हमे प्रतिदिन योग करना चाहिए इन सभी कार्यो को क्रमबद्ध रूप से करने का अध्यन सम्मिलित होता है।

समाज शास्त्र (Sociology)

जैसे भारतीय समाज, ब्राह्मण समाज, वैश्य समाज, जैन समाज, शिक्षित समाज, धनी समाज, आदि इन सभी के अध्ययन को हम समाज शास्त्र कहते है।

मनोविज्ञान (Psychology)

मनोविज्ञान के जनक विलियम वुण्ट को कहा जाता है, इन्होने मनुष्य के विचारो को और वह क्या सोचते है इसका अध्ययन किया था। आज कल हम लोगो को मानसिक रूप से बीमार देखा जा सकता है। आज कल लोग डिप्रेशन जैसी बीमारियों से जूझ रहे इस विषय में उन सभी बातो का अध्ययन किया जाता है, की एक मनुष्य को मनो विज्ञान की चिकित्सा कैसे दे सके।

भूगोल (Geography)

भूलोग मे पृथ्वी की सतह पर मौजूद प्राकृतिक एवं मानवीय भू आकृतियों का अध्ययन किया जाता है। जैसे की पर्वत, नदियाँ, सागर ,भू -स्थल आदि का अध्ययन किया जाता है। हिकेटियस को भूगोल का जनक कहा जाता है।

गृह विज्ञान (home Science)

गृह विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना है। गृह का अर्थ है, घर, परिवार और विज्ञान का अर्थ है किसी चीज का गहन अध्ययन करना अर्थात गृह विज्ञान का अर्थ है घर परिवार से सम्बंधित कार्यो को क्रमबद्ध तरीके से करना। इसमें पाक कला से लेकर सफाई का ध्यान रखने तक सभी का अध्ययन किया जाता है।

एलिमेंट्री कंप्यूटर (Elementary Computer)

इस सब्जेक्ट्स में कंप्यूटर के विषय में अध्ययन किया जाता है इसमें बताया जाता है कंप्यूटर के कितने भाग होते है उसे प्रयोग कैसे किया जाता है , कंप्यूटर के महत्व इत्यादि।

पर्यावरण (Environment)

पर्यावरण से हमारा आशय हमारे चारो और का आवरण पर्यावरण कहलाता है। हमें अपने पर्यावरण को कैसे सुरक्षित रखना चाहिए। पर्यावरण का हमारे जीवन में क्या महत्व है यह खुदरत की एक खूबसूरत धरोहर है। इसका अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता है।

संगीत (music)

जिन बच्चो की रूचि संगीत में होती है उन विद्यार्थियों को संगीत का पूरा घ्यान प्राप्त कराया जाता है उनकी कला को निखारा जाता है। तथा सा, रे, ग, म, पा, ध, नी इन सात शुर का कैसे प्रयोग करते है उस पर अध्ययन किया जाता है।

मानवाधिकार और लिंग अध्ययन (Human Rights and Gender Studies)

इस विषय में हम मानव के अधिकारों के विषय में अध्ययन करते है। जैसे की महिलाओ को पुरुष के सामान अधिकार प्राप्त होते है एवं प्रत्येक मानव को समाज में क्या क्या अधिकार प्राप्त है। मानव अधिकार 10 दिसम्बर के रूप में भी मनाया जाता है।

संस्कृत (Sanskrit)

जैसा की हम सभी जानते है संस्कृत हमारी प्राचीन भाषा है संस्कृत भारत की एक शास्त्रीय भाषा है। इस भाषा को देव वाणी भी कहा जाता है प्राचीन काल में ऋषि मुनि द्वारा लिखे गए ग्रन्थ और श्लोक इसी भाषा में लिखे जाते थे। यह भाषा बहुत रोचक है इसे समझना बहुत कठिन है इसी भाषा से हमारी मात्र भाषा हिंदी का निर्माण हुआ था और इसी भाषा से अंग्रेजी भाषा का भी अविष्कार हुआ था।

फैशन अध्ययन (fashion studies)

फैशन अध्ययन से हमारा तात्पर्य है की बहुत सारे विद्यार्थियों को वेशभूषा बनाने और और नए नए प्रकार के पोशाक बनाने में रूचि होती है इससे उन्हें अपनी इस कुशलता को निपूर्ण बनाने में सहायता मिलेगी। इसलिए इस विषय का नाम फैशन अध्ययन रखा गया है।

ललित कला (Fine arts)

ललित कलाओ से हमारा तात्पर्य है वह छोटी – छोटी कलाएँ जिनमे विद्यार्थी की रूचि होती है जैसे नृत्य, संगीत इत्यादि का अध्ययन करते है जिससे हम अगर इन कलाओ से सम्बंधित छोटे – छोटे केंद्र खोलना चाहे तो हमें उसका ज्ञान भी हो।

चित्रकारी (painting)

चित्रकारी किसको नहीं पसंद, बचपन में यह हमारा मनपसन्द विषय रह चुका है लेकिन बड़े होते होते और विषयो में रूचि बढ़ती रहती है। जिसके बाद चित्रकारी सभी का पसंदीदा विषय नहीं रहता है। लेकिन बहुत से ऐसे बच्चे भी होते है, जो अपना भविष्य चित्रकारी में ही खोजना चाहते है। उन विद्यार्थियों के लिए यह विषय बहुत लाभदायक है।

विधिक अध्ययन (legal Studies)

जैसा की हम सभी जानते है, की मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह हमेशा समूह के साथ रहता है। प्रकृति में रहने वाले सभी जीव -जंतु एक दूसरे से जुड़े हुए है। सभी के मध्य कोई न कोई संबंध है यह विधि का ज्ञान मात्र न होकर विधि का क्रमबद्ध ज्ञान है। इन सभी को व्यवस्थित रखने के लिए नियंत्रण एवं नीतियाँ अति आवश्यक है, इस विषय से हमे इसका अध्ययन करने का अवसर प्राप्त होता है।

ग्रामीण विकास (rural Development)

किसान का विकास हर एक के लिए बहुत आवश्यक है। जैसा की हम सभी जानते है की किसान कड़ी मेहनत करके अन्न उगाता है लेकिन उसे उसका लाभ अच्छा नहीं मिलता है या वह नहीं जानते हैं की अपने कार्य का विकास कैसे करे। ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रही जनता का आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान करके उनके जीवन स्तर में सुधार लेन का प्रयास किया जाता है।

कानूनी अध्ययन (legal studies)

सरकार ने समाज में कुछ नियम बनाये है जिससे हिंसा कम हो सके इसके लिए किस अपराध को कैसी सजा मिलनी चाहिए इन सभी नियमो और कानूनों से समन्धित जानकारी का अध्ययन होता है इस विषय में। जिससे विद्यार्थी आगे चलकर पुलिस, वकील व न्यायालय अधिकारी भी बन सकते है।

आर्ट्स में उपलब्ध कोर्स

जितने भी विद्यार्थी आर्ट्स सब्जेक्ट चुनते है। उन्हें स्नातक की पढाई के बाद परास्नातक की पढाई भी पूरी करनी पड़ती है यह सभी सब्जेक्स्ट में अनिवार्य होता है, जैसे अगर आप कॉमर्स लेते है तो उसमे आपको बी.कॉम के बाद एम.कॉम भी करनी पड़ती है। जिससे की आप उच्चस्तर की जॉब पा सकते है। उसी प्रकार B.A के बाद भी आप यह सब कोर्स कर सकते है :-

  • Bachelor of Arts (BA)
  • BA in English
  • BA in English Literature
  • Bachelor of Social Work
  • Bachelor of Event Management
  • Bachelor of Fine Arts (BFA)
  • Bachelor of Business Management
  • Bachelor of Physical Education (BPEd)
  • Bachelor of Business Studies (BBS)
  • Bachelor of Business Administration (BBA)
  • Bachelor of Fashion Designing
  • Bachelor of Design (B Des)
  • BBA LLB
  • BA LLB
  • BA in Journalism and Mass Communication
  • Bachelor of Management Studies (BMS)
  • Bachelor of Hotel Management (BHM)

आर्ट्स में करियर

वर्तमान समय में आज भी बहुत सारे लोग है जो आर्ट्स को एक अच्छा स्ट्रीम नहीं मानते है, क्योकि वह कई लोगो से सुनते आये है आर्ट्स एक अच्छा चुनाव नहीं है। वह लोग सोचते है, की आर्ट्स लेकर उनका भविष्ये खतरे में पढ़ सकता है। परन्तु ऐसा नहीं है एक आर्ट्स विषय ही है, जिसमे आपको कई ऑप्शन मिल जाते है की आप भविष्य में क्या कर सकते है। आर्ट्स के बारे में गलत अवधारणा वही लोग रखते है, जिन्हे इसकी पूरी जानकारी नहीं होती है।

कुछ विद्यार्थी तो ऐसे भी होते है, जो आर्ट्स में अपना भविष्य बनाना चाहते है परन्तु बना नहीं पाते है। क्योकि उनके माता- पिता भी यही अवधारणा रखते है। की आर्ट्स एक अच्छा चुनाव नहीं इसलिए वह अपने बच्चो को जबरदस्ती अन्य सब्जेक्ट चुनने को मजबूर कर देते है। इसमें उनकी भी गलती नहीं है प्रत्येक माता -पिता चाहते है ,की उनके बच्चो का भविष्य उज्जवल हो। इसलिए ही वह अपने बच्चो को आर्ट्स चुनने नहीं देते है। जिस कारणवश वह विद्यार्थी आगे भविष्य में असफल हो जाते है और किसी भी फिल्ड में अपना करियर नहीं बना पता है।

लेकिन आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है। जिससे विद्यार्थी अपनी रूचि अनुसार विषय ले सकता है और अपने पसंदीदा विषय में अपना भविष्य खोज सकता है। आर्ट्स में आप क्या-क्या करियर चुन सकते है उसकी व्याख्या हमने नीचे की है।

आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है और इसमें कई स्कोप हैं।

आर्ट्स एक ऐसा सब्जेक्ट है, जिसमे हमें कई विषयो का अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हो जाता है। इस सब्जेक्ट में इतने विषय है, की विद्यार्थी इनमे से कोई भी एक विषय चुनकर भविष्य में कोई भी कार्य कर सकता है। जिससे उसकी आजीविका चल सके। इसके स्कोप का कोई अंत नहीं है। लेकिन उसमे से कुछ से हम आपको अवगत करा सकते है। आर्ट्स के कई स्कोप नीचे निम्नवत है :-

  1. न्यायाधीश (judge)
  2. नेता (leader)
  3. प्रोफेसर (professor)
  4. फैशन डिजाइनर (Fashion Designer)
  5. पत्रकार (Journalist)
  6. इवेंट प्लानर (Event Planner)
  7. ग्राफिक डिजाइनर (Graphic Designer)
  8. व्याख्याता (Lecturer)
  9. मनोविज्ञानी (Psychologist)
  10. जनसंपर्क अधिकारी (Public Relations Officer))
  11. समाजशास्त्री (Sociologist Policy Analyst)
  12. नीति विश्लेषक (Policy analysis)
  13. सामाजिक मीडिया प्रबंधक (Social Media Manager)
  14. इतिहासकार(Historian)
  15. पुरालेखपाल( Archivist)
  16. संग्रहालय का निरीक्षक (Museum Curator)
  17. सूचना अधिकारी (Information Officer)
  18. लेखक (Author)
  19. रिसर्चर (Researcher)
  20. कंटेंट राइटर (Content Writer)
  21. शिक्षक (Teacher)
  22. वकील (Lawyer)
  23. हॉपटल मेनेजमेंट (Hotal Management)

आर्ट्स सब्जेक्ट सम्बंधित कुछ प्रश्न और उनके उत्तर

आर्ट्स में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

आर्ट्स में बहुत सब्जेक्ट्स होते है जिनमे से कुछ निम्नलिखित है। जैसे :- हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, कानूनी अध्ययन, ग्रामीण विकास, विधिक अध्ययन, ललित कला, चित्रकारी, फैशन अध्ययन, संस्कृत, मानवाधिकार और लिंग अध्ययन, संगीत, पर्यावरण, एलिमेंट्री कंप्यूटर, गृह विज्ञान, इतिहास, समाज शास्त्र और मनो विज्ञान इत्यादि।

क्या आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है ?

हाँ, आर्ट्स एक अच्छा स्ट्रीम है। इसमें कई स्कोप है।

आर्ट्स में कितना स्कोप है?

आर्ट्स में बहुत स्कोप है जिसमे से कुछ निम्नलिखित है :-वकील, फैशन डिजाइनर, पत्रकार,इवेंट प्लानर, ग्राफिक डिजाइनर, व्याख्याता, मनोविज्ञानी, जनसंपर्क अधिकारी, समाजशास्त्री, नीति विश्लेषक, सामाजिक मीडिया प्रबंधक, इतिहासकार, संग्रहालय का निरीक्षक, लेखक, कंटेंट राइटर, रिसर्चर, सूचना अधिकारी इत्यादि।

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